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भ्रष्टाचार के खिलाफ बेलगहना तहसील में आज घेराव, अधिवक्ता संघ का काम बंद आंदोलन- “सिर्फ तबादला नहीं, व्यवस्था में सुधार हो” तहसीलदार का तबादला कर जांच को दरकिनार करने की कोशिश

जिला ब्यूरो चीफ जीशान अंसारी की रिपोर्ट : बेलगहना (कोटा ब्लॉक) — लगातार भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोपों से घिरे बेलगहना तहसीलदार अभिषेक राठौर को अंततः पद से हटा दिया गया है। लेकिन ग्रामीणों, अधिवक्ताओं और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इससे व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है। आमजन और किसान अभी भी तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, और बिना पैसे दिए काम न होने की शिकायतें जस की तस बनी हुई हैं।

आज होगा तहसील का घेराव

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इस स्थिति के खिलाफ अधिवक्ता साथियों और जनप्रतिनिधियों ने आज बेलगहना तहसील का घेराव करने का ऐलान किया है। उनकी प्रमुख मांग है कि— तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली में सुधार हो। भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों पर वास्तविक कार्रवाई की जाए। बिना जांच और दंड के सिर्फ तबादला करने की प्रथा बंद हो।

“तबादला नहीं, कार्रवाई हो”

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ग्रामीणों का कहना है कि सरकार भ्रष्ट अधिकारियों को केवल एक जगह से दूसरी जगह भेजकर बचाने का काम कर रही है। इस तरह का तबादला भ्रष्टाचारियों के लिए “पुरस्कार” जैसा है। जबकि असल जरूरत है—जांच, दंड और सख्त कार्रवाई की।

“सिर्फ तबादला भ्रष्टाचारियों के लिए अवार्ड”

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ग्रामीणों और अधिवक्ताओं का आरोप है कि भ्रष्ट अधिकारियों को बिना कार्रवाई किए केवल एक जगह से दूसरी जगह भेजना उन्हें “पुरस्कार” देने जैसा है। असल जरूरत व्यवस्था को सुधारने और दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने की है।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब तक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक किसानों और आम लोगों की परेशानियां कम नहीं होंगी।

“गरीब की फाइल धूल खाती है” — सचिन साहू

अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता सचिन साहू ने कहा कि

> “बड़े लोगों का काम पैसों के दम पर हो जाता है, लेकिन गरीब किसान और आमजन कहाँ जाएं? बिना पैसे फाइल और आवेदन महीनों तक धूल खाते रहते हैं। छोटे ऑपरेटर से लेकर तहसीलदार तक हर कदम पर भ्रष्ट आचरण देश और समाज को खोखला कर रहा है।” हाल ही में आपने देखा है कि खंड शिक्षा अधिकारी विजय टांडे जिसके ऊपर पैसे लेने का आरोप लगा था उसकी जांच भी हुई और शिकायत सहीं पाई गई उसके बाद भी उन्हें सीधा जिला में जिला शिक्षा अधिकारी बना दिया जाता है अब कैसे भरोसा करेंगे शिकायत पर कोई कार्यवाही होगी इसके लिए एक लंबी जंग लड़नी पड़ेगी तब कहीं जाकर किसी अधिकारी पर कार्यवाही होती है

भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुटता:- 

अधिवक्ता संघ ने साफ कहा है कि जब तक व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं लाई जाएगी, भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक गरीबों की समस्याएं खत्म नहीं होंगी। इसीलिए आज अधिवक्ता संघ ने तहसील कार्यालय का घेराव कर काम बंद करने का ऐलान किया है।इस विरोध में जनप्रतिनिधि, किसान और स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

मांगें :- तहसील कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पर उच्च स्तरीय जांच।

दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर निलंबन/बर्खास्तगी की कार्रवाई।बिना पैसे आवेदन और फाइल निपटाने की पारदर्शी व्यवस्था लागू हो। ग्रामीणों का कहना है कि अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा।

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